कभी - कभी मेरे दिल में ख्याल आता है ........... अरे मैं गानों की बात नहीं करने जा रही हूँ, बस मन में एक बात आई, तो आपको बताने आ गई।
इन गर्मियों के अलसाए दिनों में एक्साम ख़त्म होने के बाद कुछ समझ में नहीं आ रहा था की क्या किया जाये, तो एक ख्याल आया । इन्टर्नशिप के लिए पेपर देने का। अब ख्याल तो बहुत अच्छा था, पहुँच गए पेपर देने। अब उस पेपर में एक प्रश्न को पढ़ कर एक नहीं बहुत सारे ख्याल आये और बस कुछ ख्याल पेपर में लिखे और कुछ यहाँ लिखने के लिए आ गई।
अब प्रश्न यह था की पुलिस ने एक दोषी को छोड़कर निर्दोष को गिरफ्तार करती है , आप पुलिस की भूमिका के बारे में क्या कहना चाहेंगे ? पहले तो मुझे गजब की हंसी आई, कि पुलिस की भूमिका......!!!!!!!!!! बेचारों को भूमिका निभाने का मौका ही कब मिलता है ???? रियल लाइफ में कुछ "ओहदे वाले" लोग नहीं निभाने देते और रील लाइफ में फिल्म निर्माता .....!!!!
अब पुलिस के बारे में मुझे जितना कुछ पता चला है, मतलब उनके " स्पेशल फीचर" के बारे में , फिल्मों की मेहरबानी है । जैसे ---
-> "कानून अँधा होता है ", आँखों का वर्णन
-> "कानून के हाथ बहुत लम्बे होते हैं ", हाथों की प्रशंसा
-> कभी - कभी तो पेट की गहराई तक नाप लेते हैं यह लोग ........
और तो और , उनकी भावनाओ को व्यक्त करने के लिए " टोपी " दी गयी है , टोपी उतरे तो समझ लीजिये " आ गया दुःख का मौका ".... , स्पेशल आवाज़ करती पुलिस की जीप .....
अब आप सोचिये इतना कुछ दिया गया है पुलिस को फिर भी वो देर में क्यूँ पहुंचती है ॥???
मैंने बहुत कुछ सोचा , फिर दो बातें मेरे सामने आई - पहली तो यह , पुलिस के पैर के बारे में तो कभी बात ही नहीं हुई , हाथ लम्बे हुए तो क्या हुआ पैर तो हैं ही नहीं , तो समय पर पहुंचे भी तो कैसे !!!!!!
-> और दूसरी ये की चलो पैर छोड़ो " दिमाग " की बात तो भूल से भी कभी नहीं होती , उसे टोपी से कवर कर "सेफ मोड" पर रख दिया जाता है , जो स्वतंत्र भी कब होता है , दुःख के मौके पर .........!!!!!
अब बेचारी पुलिस करे भी तो क्या ॥??? इन सब बातों को सोच कर तो मुझे यही लगा की बेचारी पुलिस पर फ़ालतू के दोष लगाए जाते हैं , जब दो महत्वपूर्ण अंग हैं ही नहीं उनके पास , तो उनका दोष ही क्या है .....!!!
तो भाई मेरी अदालत में तो पुलिस निर्दोष है और अब यह है "आपकी अदालत" में और करना है आपको " सच का सामना "....!!!! क्यूंकि अब पुलिस तो ये कहने से रही , " जो कहूँगा सच कहूँगा "......
क्या बात है प्रतिज्ञा बहुत बढ़िया मज़ा आ गया
ReplyDeletethank u sir....
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