
एक बार फिर आईपीएल मैच शुरू हो चुके हैं और पूरा भारत ही क्या लगभग सारे क्रिकेट प्रेमी देश इसके रंग में रंग चुके हैं । मैच के पहले ही दिन से आईपीएल ने बड़ी संख्या में दर्शक बटोरने शुरू कर दिए थे । आईपीएल का जादू सब के सर चढ़ कर बोल रहा है , क्या बच्चे क्या बूढ़े ...... सभी क्रिकेट के इस शो को देखने के लिए तैयार बैठे रहते हैं। दर्शकों के इसी रूचि का फायदा सारे टीवी चैंनेल और रेडियो स्टेशन उठा रहे हैं । रोज़ नए-नए कांटेस्ट दर्शकों को और इनकी तरफ आकर्षित कर रहा है। शायद यही कारण है कि आईपीएल के चीफ ललित मोदी साहब ने साल में दो बार आईपीएल कराने का प्रस्ताव तक दे दिया , लेकिन क्या यह उचित प्रस्ताव है ', शायद नहीं!! प्रत्यक्ष रूप में न सही लेकिन क्रिकेट का नया प्रारूप आईपीएल मैच , (जो कि अब भारत जैसे देश में गली गली में खेला जाता है ) सामान्य जीवन को भी प्रभावित कर रहा है ,वो चाहे स्टुडेंट्स कि पढाई हो या फिर कोई और काम !!!
यहाँ तक कि आईपीएल मैच के इस मौसम में लोग इतने व्यस्त हो गये कि दूसरे खेलों में मिली सफलता पर ध्यान ही नहीं दिया या दिया भी तो कुछ खास नहीं !! इसी बीच कामनवेल्थ गेम्स में बाक्सिंग में भारत ने सात गोल्ड मेडल जीते , जो कि आज तक कभी नहीं हुआ था , मगर किसी ने इस उपलब्धि पर कुछ कहना महत्वपूर्ण नहीं समझा और शायद इन्ही में से कुछ लोग थे जिन्होंने भारत सरकार को काफी अच्छी सलाह दी थी बाक्सिंग के उत्थान के लिए कुछ करने को (ओलंपिक के समय)। यहाँ तक कि "साइएना नेहवाल" पूरे विश्व में बैडमिन्टन की ५वे नंबर कि खिलाडी बनी, जो कि काफी बड़ी उपलब्धि है, लेकिन फिर भी किसी ने कुछ कहना जरुरी नहीं समझा और ना ही प्रोत्साहित करना जरुरी समझा।
शायद यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत के सभी वर्ग के लोग आईपीएल देखना पसंद करते हैं और पूरा समय देते हैं,लेकिन इसके साथ ये भी जरुरी है कि वो सभी चीज़ों को वैसा ही महत्त्व दे। सही ही है भारत में पूरे मन से या तो राजनीति होती है या एक्टिंग या फिर क्रिकेट!!!!!!!!!!!!!!

